Friday, January 16, 2009

राजबाड़ा

इंदौर का राजबाड़ा शहर के मध्य में स्थित है. राजबाड़ा के वास्तविक निर्माण imageकाल और निर्माता के बारे में अलग अलग मत है! राजबाड़ा का निर्माण कई  चरणों में हुआ था. प्रम्भारिक प्रमाणों के मुताबिक इसका निर्माण १८११ से १८३३-३४  के बीच हुआ था.

यह ७ मंजिल इमारत को मल्हार राव होलकर ने ४ लाख रूपये से अधिक राशि खर्च कर के बनवाया था. इसकी लम्बाई ३१८ फुट और चौडाई २३२ फुट है. उसमे होलकरों के कुलदेवता मल्हारी मार्तंड का मन्दिर और गद्दी है. स्टेट गज्ज़तिएर के अनुसार १८११ के पूर्व भी यहाँ एक महल हुआ करता था. १८०१ में एक युध के दौरान पुरानी इमारात को काफी नुकसान हुआ था. इसका पुनर्निर्माण १८११ में तात्या जोग ने शुरू करवाया. यह पुनर्निर्माण हरी राव होलकर के शाशन काल तक चलता रहा था. इसके मुख्य द्वार का नाम कमानी दरवाजा था. महल में राजपुताना और मराठा स्थापत्य कला की झलक देखने को मिलती है.

सन् १९८४ में दंगो के दौरान इसकी इमारत को काफी नुक्सान पहुचा था. अब एस इमारत की देखभाल भारतीय पुरातत्व विभाग करता है.

शहर के मध्य स्थित होने के कारण इसके आस पास पुराना शहर एवं बाज़ार बसा है.

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